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फैशन वर्ल्ड में बात जब-जब फैशनिस्टा की होती है तो जेहन में सबसे पहले गोरी, पतली, तीखे नैन- नक्श वाली खूबसूरत लड़कियों का ही ख्याल आता है। अगर परफेक्ट फिगर वाली कम उम्र की मॉडल जिसका रंग थोड़ा पक्का रह गया है तो उसे खूबसूरती के तराजू में नहीं तोला जाता। विडंबना भी यही है कि समाज ने अपने हिसाब से सुंदरता की परिभाषा तय कर दी है। उदाहरण के तौर पर सांवले रंग-रूप वाली लड़कियों को लायक होने के बाद भी शादी जैसी प्रथा में कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ता है। इसी के विपरीत जब कोई बल्की साइज की लड़की मॉडल बनने का सपना देखती है तो घरवाले उसके रंग-रूप या शारीरिक बनावट का हवाला देकर उसे डिमोटिवेट कर देते हैं। समय-समय पर उसे इस बात का एहसास दिलाते हैं कि फैशन की चकाचौंध वाली दुनिया उनके लिए नहीं बनी है। लेकिन आज हम आपको जाने-माने फैशन डिज़ाइनर सब्यसाची मुख़र्जी () की एक ऐसी मॉडल से मिलाने जा रहे हैं जिन्होंने इन सब बातों को परे करते हुए खूबसूरती के मायने बदल दिए। ये बात किसी से छिपी नहीं है कि साइज में बल्की होने के कारण लड़कियों को कितनी बिन मांगी सलाह और शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। शुरुआती दौर में विशाखापट्टनम में पैदा हुईं और दिल्ली में पली-बढ़ी वर्शिता थटवर्ती () के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मॉडलिंग और एक्टिंग में अपना करियर बनाने के लिए एक शहर से दूसरे शहर गईं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। डस्की कलर होने के कारण हर कोई उन्हें रिजेक्ट कर देता था। 5 सालों तक वर्शिता को काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। मोटी और सांवली होने के कारण कोई भी मॉडलिंग एजेंसी उन्हें रीप्रेज़ेंट नहीं करना चाहती थी। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दिन रात अपना सपना पूरा करने के लिए मेहनत करती रहीं। ( ये भी पढ़ें: ) लक बॉय चांस मिला मौका साल 2017 दिसंबर से फिल्मों में काम पाने के लिए कोशिशें करने वाली वर्शिता थटवर्ती को क्या पता था कि आने वाला नया साल उनके लिए बहुत कुछ सोचकर बैठा है। जी हां, अप्रैल 2018 में एक दिन वर्शिता को सब्यसाची ज्वैलरी एक्जिबिशन के बारे में पता चला। तब सब्यसाची मुखर्जी ने अपना ज्वैलरी कलेक्शन शोकेस करने का काम शुरू ही किया था। ये सब जानकर वो उनसे मिलने के लिए के लिए निकल पड़ीं। एक्जिबिशन में उनकी मुलाकात सब्यसाची मुखर्जी से हुई उन्होंने उनके साथ पहले एक सेल्फी ली और बाद में उनके द्वारा डिज़ाइन किए हुए एक जोड़ी इयरिंग्स लेकर घर वापस आ गईं। लेकिन उन्हें कोई अंदाज़ा नहीं था कि इस एक मुलाकात के बाद उनका सब कुछ बदलने वाला है। करीब दो महीने बाद यानी जून में सब्यसाची मुखर्जी की टीम ने वर्शिता से संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या वह उनके साथ कोलकाता में ट्रायल शूट पर काम करना चाहेंगी? वर्शिता ने बिना किसी देर किए हां बोल दिया। डिज़ाइनर सब्यसाची के कैंपेन में उन्होंने प्लस साइज़ मॉडल्स बन सभी को अपने काम से इम्प्रेस किया। तब से वर्शिता विंटर फॉल ब्राइडल कलेक्शन हो या फिर चारबाग, सब्यसाची के लगभग सभी ट्रायल शूट का एक अहम हिस्सा रही हैं। ( ये भी पढ़ें: ) सब्यसाची के साथ काम करना किसी सपने से कम नहीं वर्शिता थटवर्ती जैसी न जाने कितनी लड़कियां होंगी जो आज भी मन ही मन सब्यसाची के साथ काम करने या फिर उनके कलेक्शन को पहनने के बारे में सोचती होंगी लेकिन वर्शिता ने कभी भी अपना हौसला डगमगाने नहीं दिया। खुद पर विश्वास रखा और सब्यसाची के प्लस साइज़ मॉडल्स कैंपेन का हिस्सा बनीं। ऐसे में अगर आप भी अपने सांवले रंग को बार-बार अपनी नाकामयाबी का सबब मान रही हैं तो वर्शिता थटवर्ती आपके लिए परफेक्ट उदाहरण हैं।
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